एक पते की बात है, एकदम रहस्य की बात...
वो ये कि सबके सब बंदर के खानदान से हैं... उससे पहले ठंडे खून लेकिन चुपके से धोखेबाजी में माहिर मगरमच्छ थे... उससे पहले अपनी ही प्रजाति की छोटी और कमजोर नस्लों को खा जानेवाली मछली....उससे पहले बिना शक्ल सूरत वाले आमीबा जैसे जीव... जिसकी कोई पहचान तक नहीं होती। ये सारे गुण और इससे और भी बहुत ज्यादा कुछ ले... ये सारे इस धरती की छाती फाड़े हुए हैं।
आदमी पैदा ही इस तरह हुआ है.... एक आदमी की बात काहे कर रहे? एक खानदान की बात क्यों कर रहे? यहां तो खून में ही जानवरों की मिलावट है.... सबके खून में। पीछे जाईए तो अमीबा तक... और फिर आगे बढ़िए तो समझ आएगा किसके खून में कहां कौन सा गुणसूत्र ज्यादा भारी हो आया और वो इंसान क्यों मगरमच्छ और मछली सा व्यवहार कर रहा है।
वो ये कि सबके सब बंदर के खानदान से हैं... उससे पहले ठंडे खून लेकिन चुपके से धोखेबाजी में माहिर मगरमच्छ थे... उससे पहले अपनी ही प्रजाति की छोटी और कमजोर नस्लों को खा जानेवाली मछली....उससे पहले बिना शक्ल सूरत वाले आमीबा जैसे जीव... जिसकी कोई पहचान तक नहीं होती। ये सारे गुण और इससे और भी बहुत ज्यादा कुछ ले... ये सारे इस धरती की छाती फाड़े हुए हैं।
आदमी पैदा ही इस तरह हुआ है.... एक आदमी की बात काहे कर रहे? एक खानदान की बात क्यों कर रहे? यहां तो खून में ही जानवरों की मिलावट है.... सबके खून में। पीछे जाईए तो अमीबा तक... और फिर आगे बढ़िए तो समझ आएगा किसके खून में कहां कौन सा गुणसूत्र ज्यादा भारी हो आया और वो इंसान क्यों मगरमच्छ और मछली सा व्यवहार कर रहा है।
यहां... देवता और दानव सब एक ही बाप की औलाद हैं... एक ही मां की संतान है। दुर्योधन और युधिष्ठिर सब एक ही खानदान से हैं।
...और मति तो युधिष्ठिर की भी मारी जाती है। भाई की पत्नी को अपनी बना लेता है, फिर इसी पत्नी को दांव पर लगा देता है, जुए में जीत जाने की लालच और अहंकार में महा विवेकशील वो भी मतिभ्रष्ट हो जाता है। दुर्योधन और महाभारत के लिए एक साफ खाली जमीन तैयार करने में वो भी बराबर का हिस्सादार होता है...तो साफ है कि सब एक ही खानदान से हैं।
...और मति तो युधिष्ठिर की भी मारी जाती है। भाई की पत्नी को अपनी बना लेता है, फिर इसी पत्नी को दांव पर लगा देता है, जुए में जीत जाने की लालच और अहंकार में महा विवेकशील वो भी मतिभ्रष्ट हो जाता है। दुर्योधन और महाभारत के लिए एक साफ खाली जमीन तैयार करने में वो भी बराबर का हिस्सादार होता है...तो साफ है कि सब एक ही खानदान से हैं।
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